मयूर ग्रामीण विकास संस्थान पुराने महिला स्वयं सहायता समूहों के सच्चक्तिकरण एवं नये समूहों के गठन तथा सामाजिक बुराईया जैसे जातिवाद, बाल-विवाह, लिंगभेद एवं दहेज प्रथा, बालिका च्चिक्षा पर जनजागृति के उद्वेच्च्य से दिनांक 24 मई से 30 मई 2009 तक परियोजना क्षेत्र के 15 गांवों मे नुक्कड़ नाटको का आयोजन किया गया ।
जिसमें आम जन को एक नाटक के माध्यम से इस पर्यावरण मे हो रही खिलवाड़ को रोकना तथा इसमे पौंधौ की सुरक्षा करना तथा हर व्यक्ति को एक-एक पौधे लगाने के संकल्प दिया गया तथा उसे पालन कर बड़ा करने तक उसका जिम्मा सोंपा गया इस तरह हर संभवतया नुक्कड़ नाटक के माध्यम से समझाया गया कि पर्यावरण के साथ खिलवाड़ करने से अपने को क्या हानि होगी तथा अपने शारिरीक जीवन पर क्या दुष्प्रभाव होगा। यह सब जानकारी एक नाटक के माध्यम से विभिन्न ग्रामीण अंचलो मे एक टोली बनाकर जन चेतना दी।
