Mayur Rural Development Society

रोजगार के क्षैत्र में

मयूर ग्रामीण विकास संस्थान के तत्वाधान में कई जगहों पर ट्रेनिंग सेन्टर चलाये गये तथा युवाओं को ट्रेनिग के दौरान स्व-रोजगार उपलब्ध करवाने के भी टिप्स दिये गये। तथा अपने स्व निर्भर होकर कार्य करने के प्रति रूझान पैदा किया ।
ग्रामीण और शहरी कई रोजगार के जरुरत मन्द लोगो ने इनसे इलैक्ट्रिक रिपेयरिंग व एयर कंडिच्चन एवं फ्रिज रिपेयरिंग का कार्य निःशुल्क सीखा और आज भी सीखाने के लिये तत्पर है। जिन्होने भी इनसे इलैक्ट्रिक रिपेयरिंग कार्य सिखा है ।
वह आज भी स्वरोजगार लगाकर अपने परिवार का सुख पूर्वक जीवन यापन कर रहे है कई लोग जो अपना खुद का व्यवसाय करना चाहते थे। उनकी तन मन व धन से मदद की और आज भी वे अपने व्यवसाय मे मार्ग दर्च्चन प्राप्त कर आगे लोगो को अपने अनुभव बांटते है। जिसमे से भगवान दास व अच्चोक सोलंकी, सुरेच्च बांगडा, नरेच्च माली, पन्नालाल, भरत कुमावत, जस्वंतपुरी, तुलसाराम, जयपाल, राणुलाल, खेताराम, प्रकाश व रामसिंह, अजुर्नराम आदि इन्होने आज तक ना जाने कितने लोगो को काम सिखाया हैं इन्हे भी याद नहीं होगा जिसमे से बहुत से लोग आज भी इन्हे अपना आदर्च्च मानते हैं और जरुरत पड़ने पर दुसरो की मदद करने को तैयार रहते हैं।

युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाना

युवाओं के आयसंवर्धन एवं स्वरोजगार के उद्वेच्च्य से परियोजना में संस्थान के सहयोग से 3 माह का प्रच्चिक्षण का शुभारंभा के डाईट के राजीव जायसवाल ने किया गया। जिसमे युवाओं को इलेक्ट्रोनिक आईटम नये तैयार करना व रिपयरिंग के बारे में भी प्रच्चिक्षण दिया गया ।
प्रच्चिक्षण के दौरान उन्हे ए.सी. रिपेयरिंग, कुलर रिपेयरिंग, पंखे की रिपेयरिंग तथा अन्य तकनिकी कार्य को समझाया गया जिससे युवा अपने स्वरोजगार को अपने हाथो तले कार्य मे प्रगति कर एक अपने घर मे रोजगार का अवसर उजागर कर सके इसलिये संस्था के जरिये उनको प्रच्चिक्षण देकर सफल कार्यक्रम किया गया तथा कई लोगो को स्व रोजगार उपलब्ध करवाया गया। समिति के 20 महिलाओं को साबुन-सर्फ, मोमबती बनाने में पारंगत होकर पिछले 1 साल से बाजार मे अपने उत्पादन का विक्रय कर रही हैं। इससे इन महिलाओं का परिवार को 30 प्रतिच्चत मासिक आय में वृद्वि हुई है तथा इन्हे स्व रोजगार का अवसर प्रदान हुआ हैं। तथा यह महिलाएं संस्था को धन्यवाद ज्ञापित करती है जिससे उन्हे स्वरोजगार उपलब्ध करवाया हैं।